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नैनीताल यात्रा

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  नैनीताल यात्रा: नैनीताल में घूमने लायक सभी जगहों की पूरी जानकारी नैनीताल सिर्फ़ एक हिल स्टेशन नहीं है, बल्कि यह झीलों, मंदिरों, पहाड़ों, व्यू पॉइंट्स और शांति से भरा एक पूरा अनुभव है। अगर आप पहली बार नैनीताल जा रहे हैं और चाहते हैं कि कोई भी जगह छूटे नहीं, तो यह ब्लॉग आपके लिए Complete Travel Guide है। 🚆 काठगोदाम: यात्रा की शुरुआत काठगोदाम रेलवे स्टेशन नैनीताल का प्रवेश द्वार है। दिल्ली, लखनऊ और अन्य बड़े शहरों से यहाँ सीधी ट्रेन मिल जाती है।       • समय : दिल्ली से काठगोदाम 7-8 घंटे [ रेल यात्रा ] स्टेशन के बाहर टैक्सी और बस आसानी से मिल जाती हैं। नोट : 1. ज्यादा सुबह यात्रा करते हैं या रात्रिकालीन में तो इसका ध्यान रखे की चालक मानसिक रूप से स्वस्थ तथा अनुभवी चालक होना चाहिए ताकि यात्रा में जोखिम का खतरा कम रहे । कोशिश करें की यात्रा दिन में करें।  2. उल्टी करने वालें व्यक्ति यात्रा शुरू करने से पहले उल्टी नहीं होने वाली दवाई आधा घंटा पहले खाकर । बिना डरें यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं।  🛕 1. कैंची धाम (Neem Karoli Baba Mandir) काठगोदाम से निकलते ही रास...

यादें कैद है तस्वीर में

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पटना गंगा की घाट :) सभ्यता द्वारा के प्रांगण के ये पेड़  #camera #photography #bihar #patna

डाकबंगला चौराहा, पटना, दशहरा "2022"

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पुरानी तस्वीरें :) पटना बिहार 

बापू सभागार , पटना, बिहार

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पटना 💟

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सभ्यता द्वार, पटना, बिहार

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बिहार देखो :)

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बापू सभागार, पटना, बिहार 

राजनीति का बदलता परिदृश्य ( भाग - 1)

राजनीति शब्द सूनते ही आम लोगों के जेहन में कई नेताओं की छवि आती हैं। तो वही पढ़े लिखे लोग इसे राज और नीति दो शब्दों से जोड़ कर देखते हैं अर्थात् वैसी नीति जिसके माध्यम से राज्य के शासन को संचालित किया जाता हैं ।         अब हमें आज की राजनीति पर चर्चा को आगे बढ़ाते समय  अपने देश के पूराने दौर के राजनीति  से तार्किक रूप से तुलना करते हुये आगे बढ़ेगें । हम शुरुआत अपने राष्ट्र पिता महात्मा गांधी जी के भारत वापसी से शुरू करेंगे।         वर्ष 1915 में हमारे देश की आम जनता अंग्रेज़ी हुकूमत में कैद थी। उसी दौर में गांधी जी दक्षिण अफ्रीका से वापस लौट कर भारत आये थें। यहाँ उन्होंने देश के विभिन्न भागों का दौरा किये और लोगों की समस्याओं को जाना। फिर लखनऊ में कांग्रेस के अधिवेशन में उनकी मुलाकात राजकुमार शुक्ल जी से हुई जिन्होंने गांधी जी को चम्पारण के किसानों के दयनीय स्थिति से अवगत कराये तथा बापू को चम्पारण आने का आग्रह किया और गांधी जी ने इसे स्वीकार किया  ।         यहाँ हमें ये समझना होगा कि गांधी जी को को...

पटना देखों

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दशहरा '2022

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सभ्यता द्वार : पटना, बिहार

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   सभ्यता द्वार  बिहार की राजधानी पटना में स्थित हैं। यह मगध साम्राज्य की राजधानी पाटलीपुत्र के वैभव और ऐश्वर्य को रेखांकित करता हैं।   पटना गाँधी मैदान के पास अवस्थित यह द्वार बिहार के अतीत का याद दिलाता हैं कि हमें पूराने दौर का पाटलीपुत्र बनना हैं जो विश्व में राजनीति का केंद्र बिंदु था।  यह बेताब हैं नये बिहार के निर्माण की जो बिहार के सभ्यता और अतीत पर टिकी हो।  #bihartourism #bihar        

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