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नैनीताल यात्रा

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  नैनीताल यात्रा: नैनीताल में घूमने लायक सभी जगहों की पूरी जानकारी नैनीताल सिर्फ़ एक हिल स्टेशन नहीं है, बल्कि यह झीलों, मंदिरों, पहाड़ों, व्यू पॉइंट्स और शांति से भरा एक पूरा अनुभव है। अगर आप पहली बार नैनीताल जा रहे हैं और चाहते हैं कि कोई भी जगह छूटे नहीं, तो यह ब्लॉग आपके लिए Complete Travel Guide है। 🚆 काठगोदाम: यात्रा की शुरुआत काठगोदाम रेलवे स्टेशन नैनीताल का प्रवेश द्वार है। दिल्ली, लखनऊ और अन्य बड़े शहरों से यहाँ सीधी ट्रेन मिल जाती है।       • समय : दिल्ली से काठगोदाम 7-8 घंटे [ रेल यात्रा ] स्टेशन के बाहर टैक्सी और बस आसानी से मिल जाती हैं। नोट : 1. ज्यादा सुबह यात्रा करते हैं या रात्रिकालीन में तो इसका ध्यान रखे की चालक मानसिक रूप से स्वस्थ तथा अनुभवी चालक होना चाहिए ताकि यात्रा में जोखिम का खतरा कम रहे । कोशिश करें की यात्रा दिन में करें।  2. उल्टी करने वालें व्यक्ति यात्रा शुरू करने से पहले उल्टी नहीं होने वाली दवाई आधा घंटा पहले खाकर । बिना डरें यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं।  🛕 1. कैंची धाम (Neem Karoli Baba Mandir) काठगोदाम से निकलते ही रास...

न जाने गुमशुदा कौन हैं मेरे दिल में..!!

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" न जाने गुमशुदा कौन हैं मेरे दिल में   जिसकी हमें हर वर्ष तलाश है.. "  

इश्क मुहब्बत यूपीएससी ✒

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 तुम्हारी जज्बातों (  इंटेंसिटी)  से वाकिफ है मेरी कलम इसलिए तो तुम्हारे सवालों का जवाब उलझा कर  (डायनेमिक एप्रोच) लिख देती  है मेरी कलम पता है उसे तुम्हें सीधा पुछने कि आदत जो नहीं है.. "        #इश्क मुहब्बत यूपीएससी ✒

तेरे सफर का मुसाफिर हूँ मैं ..!!

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 "  तेरे सफर का मुसाफिर हूँ मैं     साथ-साथ चलने का इरादा है    रूकना तो मैं सीखा नहीं    साथ - साथ बढ़ने का इरादा है .. "                              ©

कुछ गलतफहमियां हो गयी हैं उसे..!!

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"   कुछ गलतफहमियां हो गयी है उसे       इसलिए रूठ गयी है वो इस साल  यकीन है उस पर कि वो समझ जायेगी मुझे ऩए  साल  में .." || 2020 ||

दिल में आग लगी हो..!!

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" दिल में आग लगी हो तो चैन कहाँ से आयेगा    आँखों में ख्वाब हो तो नींद कहाँ से आयेगा   इरादा आसमां छूने की हो तो आसमां के सिवाय  उसकी याद क्यों आयेगा  ..." © ✍अमलेश

शिक्षा के प्रति महात्मा गांधी का नजरिया :)

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 महात्मा गांधी का मानना था कि " वास्तविक समस्या तो यह है कि लोग जानते ही नहीं हैं कि शिक्षा का वास्तविक अर्थ क्या है। हम शिक्षा का मूल्यांकन उसी रूप में करते हैं, जैसे भूमि या फिर शेयर का करते हैं। हम पूरी शिक्षा प्रणाली को इस रूप में देखते हैं कि यह आर्थिक उपार्जन का एक माध्यम हो अगर यही हमारी सोच बनी रही तो हम शिक्षा का अर्थ कभी नहीं समझ पाएंगे.... "        अर्थात , महात्मा गांधी शिक्षा को एक ऐसेे जीवन प्रक्रम के रूप  में देखते थे जो नैतिक आदर्श के मूल्यों जैसे सहिष्णुता, ईमानदारी, सह - अस्तित्व, सामाजिक उत्तरदायित्व, का विकास करती हो।

चलो ना फिर से मिलते हैं

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     "  चलो ना फिर से मिलते हैं    वर्षों पुरानी कहानी को फिर से बुनते हैं     जिंदगी के हमसफ़र बनते हैं      चलो ना फिर से मिलते हैं... " (✍ अमलेश) 

नए भारत का सपना :)

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         "      सपने वो नहीं होते जो आप                    सोने के बाद देखते हैं         सपने वो होते हैं  जो आपको सोने नहीं देते   " यह कथन हमारे देश के पूर्व राष्ट्रपति मिसाइल मैन एपीजे अब्दुल कलाम ने किसी व्यक्ति या उस समूह के लिए कहा है जो या तो स्वयं के लिए कुछ सपना बुनता है या पूरे टीम के लिए वर्तमान परिवेश में भारत को ' नए भारत ' में बदलने के लिए 'टीम इंडिया ' के पूरे सदस्य को  इस कथन को अपने दिलों में सजोना होगा और नए भारत को गढ़ने के लिए प्रतिबद्धता के साथ सब को आगे आना होगा ।        इससे पहले कि हम वर्तमान भारत के नए विज्ञान और सपनों को देखें। उससे पहले हमें अपने प्राचीन इतिहास को देखना होगा। जब भारत एक समृद्ध राष्ट्र था इसका विस्तार काफी संपूर्ण क्षेत्र में था । यहां शिक्षा के लिए उच्च गुणवत्ता वाला विश्वविद्यालय था जैसे- नालंदा विश्वविद्यालय, तक्षशिला विश्वविद्यालय इत्यादि उसी प्रकार हमारे यहां चिकि...

तुम्हारी माथे की बिंदी

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" संभाल के रखा हूँ तुम्हारी माथे की  बिंदी को जो कल तुम भूल आयी थी.. "                   ©     ✍अमलेश प्रसाद

वो मोहब्बत, वो चाहत

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" वो मोहब्बत , वो चाहत , वो इमोशन      सब कुछ भूल गया हूँ मैं  ये जिंदगी  ना जाने किस कदर अपनी मंजिल में खो गया हूँ मैं .. "   © ✍ अमलेश अन्य के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें । लिंक-  https://amleshprasad.blogspot.com/search/label/%40amlesh%20quotes?m=1 धन्यवाद दोस्तों!! 

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