नैनीताल यात्रा

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  नैनीताल यात्रा: नैनीताल में घूमने लायक सभी जगहों की पूरी जानकारी नैनीताल सिर्फ़ एक हिल स्टेशन नहीं है, बल्कि यह झीलों, मंदिरों, पहाड़ों, व्यू पॉइंट्स और शांति से भरा एक पूरा अनुभव है। अगर आप पहली बार नैनीताल जा रहे हैं और चाहते हैं कि कोई भी जगह छूटे नहीं, तो यह ब्लॉग आपके लिए Complete Travel Guide है। 🚆 काठगोदाम: यात्रा की शुरुआत काठगोदाम रेलवे स्टेशन नैनीताल का प्रवेश द्वार है। दिल्ली, लखनऊ और अन्य बड़े शहरों से यहाँ सीधी ट्रेन मिल जाती है।       • समय : दिल्ली से काठगोदाम 7-8 घंटे [ रेल यात्रा ] स्टेशन के बाहर टैक्सी और बस आसानी से मिल जाती हैं। नोट : 1. ज्यादा सुबह यात्रा करते हैं या रात्रिकालीन में तो इसका ध्यान रखे की चालक मानसिक रूप से स्वस्थ तथा अनुभवी चालक होना चाहिए ताकि यात्रा में जोखिम का खतरा कम रहे । कोशिश करें की यात्रा दिन में करें।  2. उल्टी करने वालें व्यक्ति यात्रा शुरू करने से पहले उल्टी नहीं होने वाली दवाई आधा घंटा पहले खाकर । बिना डरें यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं।  🛕 1. कैंची धाम (Neem Karoli Baba Mandir) काठगोदाम से निकलते ही रास...

चलो कुछ नया सोचे

क्यों हम चाहकर भी कुछ अलग नहीं कर पाते हैं । जिंदगी तो सब जीते हैं लेकिन असली मजा तो कुछ अलग करने में है । हम युवा बचपन से बने - बनाये System को Follow करते हैं । यदि हम कुछ अलग करना चाहे तो समाज Accept नहीं करता हैं । जो इस System को छोड़ अपना अलग रास्ता चुनता हैं । वहीं कुछ अलग करता हैं ।
       अधिकतर युवा तो आज दिशा से भटक गये हैं   हम अपने जिंदगी मे यदि सही इंसान बन गये तो समझ लिजीए बहुत कुछ सिख गये । यदि हम सही इंसान नहीं हैं तो लाख डिग्री ले ले या पढ़ाई कर ले किसी काम की नहीं हैं ।
            आज भी अधिकतर युवा के पास कोई सपने नहीं हैं । बचपन से दूसरों के नक्शे कदम पर चलते हैं । हम में अच्छे और गलत परखने की क्षमता नहीं हैं । यदि हमारे पास सपने नहीं हैं तो फिर हम कुछ अलग नहीं कर पाते हैं ।  इस दुनिया में हर कोई जन्म लेता हैं और मर जाता हैं लेकिन याद उसी को किया जाता हैं जो कुछ अच्छा करके मरता हैं अपने जिंदगी मे कुछ अलग करता हैं जिससे समाज को फायदा होता हैं ।
   हम कुछ अलग करने के बारे में सोचते नहीं हैं क्योंकि हमने  दुनिया को कभी गौर से देखा नहीं । हमारे आस - पास आज भी कितनी दिक्कतें हैं जिससे हमें और आस - पास के लोगों को इन दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं । हमें दुनिया कई घटनाओं से रूबरू कराती हैं लेकिन हम उस पर ध्यान नहीं देते हैं । वहीं जो ध्यान देता हैं उसे कुछ अलग करने का मकसद मिल जाता हैं और फिर अपने सपने में जीने लगता हैं और अपने गोल पर फोकस करता हैं और दुनिया को लगता हैं वह पागल हो गया हैं लेकिन कभी - कभी अच्छे काम के लिए पागलपन जरूरी हैं । 
अब वह आम नहीं रहता हैं आम से खास हो जाता हैं ।  उसे पूरा करने के लिए हम कड़ी बाधाओं को पार करने के बाद हम अपने सपनों की नींव धरातल पर रखते हैं ।  अब हमें यहाँ कुछ अलग जिंदगी दिखती हैं लाख दिक्कतें आये और असफल होने के बाद भी डटकर खड़े रहते हैं और सब मुसीबतों को पार कर के एक नया मिसाल कायम करते हैं और सफल होते हैं तब जाकर कहते हैं कि हाँ , हमने कुछ अलग किया और दिल से किया । हमने जो कुछ किया समाज और दुनिया के लिए किया जिससे मेरा भी भला हुआ ।

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