नैनीताल यात्रा

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  नैनीताल यात्रा: नैनीताल में घूमने लायक सभी जगहों की पूरी जानकारी नैनीताल सिर्फ़ एक हिल स्टेशन नहीं है, बल्कि यह झीलों, मंदिरों, पहाड़ों, व्यू पॉइंट्स और शांति से भरा एक पूरा अनुभव है। अगर आप पहली बार नैनीताल जा रहे हैं और चाहते हैं कि कोई भी जगह छूटे नहीं, तो यह ब्लॉग आपके लिए Complete Travel Guide है। 🚆 काठगोदाम: यात्रा की शुरुआत काठगोदाम रेलवे स्टेशन नैनीताल का प्रवेश द्वार है। दिल्ली, लखनऊ और अन्य बड़े शहरों से यहाँ सीधी ट्रेन मिल जाती है।       • समय : दिल्ली से काठगोदाम 7-8 घंटे [ रेल यात्रा ] स्टेशन के बाहर टैक्सी और बस आसानी से मिल जाती हैं। नोट : 1. ज्यादा सुबह यात्रा करते हैं या रात्रिकालीन में तो इसका ध्यान रखे की चालक मानसिक रूप से स्वस्थ तथा अनुभवी चालक होना चाहिए ताकि यात्रा में जोखिम का खतरा कम रहे । कोशिश करें की यात्रा दिन में करें।  2. उल्टी करने वालें व्यक्ति यात्रा शुरू करने से पहले उल्टी नहीं होने वाली दवाई आधा घंटा पहले खाकर । बिना डरें यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं।  🛕 1. कैंची धाम (Neem Karoli Baba Mandir) काठगोदाम से निकलते ही रास...

डिजिटल गर्ल फेन्ड भाग - 2 ( Digital Girlfriend Part - 2 )

         डिजिटल गर्ल फेन्ड भाग - 2 की आखिरी कड़ी ....!!

        सूरज मुँह मिठा कर आफिस के लिए निकल जाता हैं और वहाँ से मीटिंग खत्म कर publisher के पास जाता हैं । दोनों के बीच Novel के बारे मे बात होती हैं और उपन्यास कुछ दिनों के बाद छप कर पाठकों के बीच आती हैं । जिसका नाम ' डिजिटल गर्ल फेन्ड ' रहता है और उम्मीद से ज्यादा response मिलता हैं । पाठकों के अच्छे response और माँग पर जल्द रूचि ने उसके दूसरे नोवल डिजिटल गर्ल फेन्ड - 2 ( Digital Girlfriend -2 ) और डिजिटल ब्रेकअप (Digital Breakup ) को पाठकों के बीच लेकर आयी अब उपन्यास शहरों मे छा गयीं और bestseller हुई और युवाओं ने खूब पढ़ा । सूरज और रूचि को नोवल के लिए best novelist का अवार्ड मिला ।
          इसके बाद रूचि भी बतौर सूरज के कंपनी मे Managing Director ज्वाइन की और उसकी मदद करने लगी कुछ वर्षों बाद दोनों के मेहनत रंग लाये और कंपनी का growth rate इतना बढ़ गया की देश के नंबर वन E . Commerce कंपनी बन गई
रूचि ने ग्रामीण इलाकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए  एक NGO की स्थापना की जिससे ज्यादा से ज्यादा कुटीर उद्योग का बढ़ावा हो और ग्रामीण महिलाएँ भी रोजगार कर सकें ।NGO की मदद से ग्रामीण इलाकों मे बदलाव आना शुरू हो गया ।
               अब ग्रामीण इलाकों के लोगों में एक नई ऊर्जा समाहित हो गई लड़कियाँ बडे - बडे सपने देखने लगीं और उच्च शिक्षा ग्रहण कर ग्रामीण इलाकों मे बदलाव की एक कहानी लिख डाली अब यहाँ की महिलाएँ NGO की मदद से हस्तकरघा निर्मित वस्तुएँ बनाने लगी और किसान Technology की मदद से अपने खेतों मे एक बदलाव लाने लगे । किसी भी प्रकार की समस्या का निवारण तुरंत NGO के मदद से हो जाता था ।
       अब किसानों के फसलों के पैदावार बढ़ने लगा और ग्रामीण कुटीर उद्योग भी बढ़ने लगा । इसके बाद रूचि ने सूरज के कंपनी के साथ करार की जिससे ग्रामीण इलाकों मे बना product शहरी बाजारों मे बेचा जाने लगा और देखते - देखते ग्रामीण क्षेत्रों ने एक बदलाव की कहानी लिख डाली ।
          जिसके कारण रूचि को Best Social Entrepreneur का अवार्ड मिला वहीं उसकी टीम को कई राष्ट्रीय और विदेशी पुरस्कारों से नवाजा गया ।
           
✍ अमलेश प्रसाद ' कुमार '
नोट :- यह कहानी किसी व्यक्ति और विशेष पर आधारित नहीं हैं । यह एक काल्पनिक कहानी हैं। यदि किसी व्यक्ति और विशेष से मिलती हैं तो यह एक संयोग मात्र हैं ।

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